Panjatan Pak

Friday, 7 June 2013

"जवान की तौबा"

अल्लाह के रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलयही वसल्लम का इरशाद है की:-

"जब एक जवान इंसान तौबा करता है तो मशरिक़ से लेकर मगरीब तक क़ब्रिस्तानो मे चालीस दिनों तक अज़ाब हटा लिया जाता है "और आप ने फरमाया अल्लाह उसके चेहरे को रोशन करे जो हदीस सुनकर आगे पहुंचाए...(इब्ने माजा)

आओ हम कोशिश करे की हमारे गुनाहो की तौबाह हम खुद जवानी मे ही करले...मौत का कोई भरोसा नही है भाई...रूह निकलने के बाद सिवाए पछताने के कुछ नहीं होगा...ऐ नोजवानाने मुस्लिम अपने बुढ़ापे की फिक्र कर...

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